‘पुरान गीतमे हमार थारुनके इतिहास नुकल बा’

दर्पण कुसुमियाँ
१९ चैत्र २०७९, आईतवार
‘पुरान गीतमे हमार थारुनके इतिहास नुकल बा’

‘पुरान गीतमे हमार थारुनके इतिहास नुकल बा’

बर्दिया जिल्लाके मधुवन नगरपालिका वडा नम्बर ३ के दर्पण कुसुमियाँ, थारु गायक मध्ये एक हुइँट । हुँंकार जलम २०४५ साल चैत महिनाके ५ गते बाबा भदै थारु ओ डाइ राजारानी थारुके कोखसे इ धर्तीमे गोरा टेकलैं । थारु लोकगीत ओ आधुनिक गीत गाके गायन क्षेत्रमे नाम ओ दाम कमाइल गायकके रुपमे स्थापित हुइल बटैं । उहाँ सात दर्जनसे ढेर थारु गीत गासेक्ले बटैं । उहाँ नेपाली, भोजपुरी ओ नागपुरी भासक् गीत फेन गैले बटैं । इहे क्रममे समसमायिक विषयमे सागर कुश्मीसे करल छोटमिठ बातचित यहाँ प्रस्तुत कैल बा ।

१.अप्ने गायन क्षेत्र ओर कहियासे लगली ? गीत गैना आशिर्वाद कहाँसे मिलल ?
–मै गायन क्षेत्रओर लगलक २०६३ सालसे हो । बाबा भदै थारु ओ गुरु भास्करदेव चौधरी सरके आशिर्वादसे महिन यहोंर टानल् । ओसिक टे पहिलेसे फेन गीत गैना रहर रहे । मौका भर नैपैले रहुँ ।

२.अप्नेक बाल्यकाल कैसिक बिटल बटा डिना ? जिन्गीमे सबसे यादगार पल बा, कबु नैभुले सेक्ना ?
–जन्नाहाँ हुइनु टो डाइ बाबा कमैयाँ रहंैं । हिल्ला माटीमे खेल्के सयान हुइनु । कोठरुक कुक्रन्से कटुवा पैलेक, घरम् चाउर नाइ होके गुल्लर ओ घुघरी खाके दिन कट्लेक याद बा । अब्बेक्हस् जबाना नैरहे । सोंचलहस् नैमिलल् कुछ करे । समस्या ढेर रहे पहर््ना इच्छाहे आघे बर्हाइ नैसेक्गैल । सोंचठुँ टे बरा दुख लागठ ।

३.अब्बेसम थारु ओ नेपाली मिलाके सक्कु कैठोसम गीत बजारमे आसेकल ?
–मोर गाइल गीत ७ दर्जनसे ढेर थारु गीत बा । दुइठो नेपाली, एकठो भोजपुरी, ४ ठोे नागपुरी भासक् गीत गासेक्ले बटुँ । लावा लावा गीत अइना क्रम जारी बा । हेरी जिन्गी कहाँटक जियठ् । जबसम साँस रहि टबसम गीत गैना सपना बा ।

४.अप्ने सक्कु मेराइक गीत गाइल डेख्जाइठ । खास कैके कैसिन गीतहे प्राथमिकता डेठी ?
–सक्कु मेरिक गीत मजा लागठ । खास कैके थारु पुर्खन्याँ गीत गैना मजा लागठ । पुरान थारु गीतहे जोर डेठुँ । काहे कि पुरान गीतमे हमार थारुनके इतिहास नुकल बा । पुरान गीतमे हमार थारुपन बा । टबमारे महिन थारु भासक पुरान गीत हिर्डा छुवठ । ओ मै जेडासे सांस्कृतिक गीत गैले बटुँ ।

५.गीत संगीत क्षेत्रमे लागके का पैली ओ का गुमैली ?
–मैयाँ बहुत मिलल् । मलामी कमागिल । भासा, संस्कृति, पहिचान, गीत संगीत संरक्षण हुइल । धन कमाइ नाइ सेक्लेसे फेन बस नाम कमागैल । अत्रैमे जिउ बुझाइ परल बा । ओइसिन टे खासे नैगुमैले हुँ । मने इ पेशा महिन दर्पण कुसुमियाँ कैह्के चिन्हाँइल इहे मोर लाग सबसे भारी उपलब्धी हो । मै सायद गीत नैगैटुँ टो आझ यहाँसम नैपुगल रटुँ । ओहेमारे थारु गीत संगीतहे मैंयाँ करे परठ ।

६.अपन गाइल गीत मध्ये सबसे मन पर्ना गीत कौन हो ?
–इ बन केउ ना बिनास्यो जौने बनमे बाटैं पंछिनके बसेरा हो । काइल संदेश एल्बमके हो इ गीत । इहे गीत महिन सांगितीक दुनियाँमे चिन्हाँइल । इ मै कब्बु नैबिसरैम ।

७.गीत गाके यहाँसम पुगसेक्ली । इ समयमे कैसिन कैसिन दुख, समस्या, ओ बाधा आइल ?
–आर्थिक ओ पारिवारिक समस्या बहुत आइल । मनो मैयाँ बहुत मिलल् । दिनभर मञ्चमे गीत गाऊ घरे आके कुछ ना कुछ । जन्नी, छाइ छावा, डाइ बाबा पल्ना कर्रा रहे एक समयमे । बेकार लागल बटुँ कनाहस् लागे । मने हिम्मत करट करट यहाँसम् पुग्ना इहे मोर तपस्या हो ।

८.एकठो सफल कलाकार बनक लाग का का करे परठ ? संगीत साधना कहाँसे सिख्ली ?
–मै संगीत नाइ सिख्ले हुँ । गाके, सुन्के ओ डेख्के अभ्यास कैके जन्नु । डेख्टी हेर्टी अनुभव कर्टी यहाँसम पुगल बटुँ । अभिन ढेर मेहनत करे पर्ना बा । संघर्षसे जुझटी अपन गोरा आघे बरहैटी जाइटुँ ।

९.गायन बाहेक आउर कोहोंर समय बिटाइटी ?
–कामेक ठेगान नाइ रहठ । व्यापार, कृषि, सहजिकरन, मजुरी जा काम आघे आइठ सब कैडरठुँ । सेकल काम करठुँ । घरे एकठो छोटमोट खोकामे डोकान बा, बस् ।

१०.मनैंनके जिन्गीमे गीत संगीतहे कैसिक परिभाषित कर्ठी ?
–गीत संगीत मन बहलैना साधन हो । गीत भासा, संस्कृति ओ प्रतिभा संरक्षण कैना डुवार हो । हरेक प्राणीनहे संगीत चाहठ । संगीत बिना कोइ जिए नेसेकठैं । संगीत मनके पीरहे कम कराइठ । मनके डवा हो संगीत ।

११.भविष्यमे का बन्ना सपना बोकले नेंगटी ?
–आधा जिन्गी अस्टेक बिट्गैल । बाँकीफें अस्टेक जाइ कनाहस लागठ् । छोट काम बटाइ बेर लाज लागठ । भारी काम कर्ना योग्यता नाइहो । समय जहाँ लैजाइ ओहै जैना हो । मनो हरेस नाइ खाके आघे बहर्ना हो । समाज सेवा ओ कुशल गायक बन्ना लक्ष्य बा ।

१२.ओरौनीमे जैटिजैटि कुछ छुटल बात बा कि ?
–थारु गीत संगीत दिन दिने बाघे बर्हटि बा । बीचमे कोरोनाक कारणसे आउर घाटा गैल । टभुनफें कलाकार ओइने संघर्स कर्टी ओजरिया खोजटंै । व्यापारी, स्थानीय निकाय, संघसंस्था, विज्ञापनदाता ओ सरोकार ओइनके सहयोगके जरुरी बा । पहिलेसे यी क्षेत्र बहुत आघे आगैल बा । अभिन संघर्ष कर्ना ओ सहयोगके जरुरी बा । उ दिन फें आइ । जेकरठन् वास्तविक कला बा उ मजा ठाउँमे पुगी । ओ मोर आवाजहे समुदायमे सक्कु ओर पुगाडेलकमे अपनेनके सक्कु परिवारहे फेन बहुत बहुत धन्यवाद ।

‘पुरान गीतमे हमार थारुनके इतिहास नुकल बा’

दर्पण कुसुमियाँ

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