महि लागठ जिन्गी सोंचल जस्ट नैरहठ्

श्याम शराबी
२१ जेष्ठ २०७८, शुक्रबार
महि लागठ जिन्गी सोंचल जस्ट नैरहठ्


महि लागठ जिन्गी सोंचल जस्ट नैरहठ् ।
सक्कु मनैनके विचार वस्ट वस्ट नैरहठ् ।

मन कहठ बिन काम कर्ल ऐस किल करुँ,
मुले संघर्ष बिनाके भविष्य स्पष्ट नैरहठ् ।

सायद सक्कु जहन्क सोंच अक्क हुइट ट,
इ समाज इ दुनियाँ कब्बु भ्रस्ट नैरहठ् ।

घुसखोरी ओ नातावाद जर नैगारट ट,
हमार डेस वर्षौंसे जस्टक टस्ट नैरहठ् ।

धनी गरीब बिचके डेवाल ढ्यांग नैरहठ ट,
इ `शराबी´ कब्बु शराब पिक मस्ट नैरहठ् ।
श्याम शराबी
राजापुर-४ बर्दिया

महि लागठ जिन्गी सोंचल जस्ट नैरहठ्

श्याम शराबी