लैयक् आँरा

अर्जुन चौधरी
१२ श्रावण २०७८, मंगलवार
लैयक् आँरा

लघुकथा
लैयक् आँरा

ठोरिक दिन जिम्डरान घर मन्जुरी कैके लोहारी एक्ठो टेलिया ओ मुर्गा किनल । इ साल टे मुर्घी डट्के जमकैम । यन बेंचके असांै मजासे घर गुजारा चलाइ परि । लर्कनके स्कुलहा फिसफें टिर्ना हुइजाइ । मनमने लोहारी बरवार सोंच बनाइटहे । ठोरिक दिन परसे टेलिया आँरा पारेक लाग कोट्कोटाइ लागल । लोहारी पहिलहींसे लैयक् जुगार कैढारल । मुर्घिन्यँइ आरा पारट डेखके मोहना हिन बरा खैनास् लागिस । मने बाबा खाइ नैडिस ।

एकदिन लोहरी खेट्वम् गैल डेख्के मोहना हिन आँंरा खैना डाउँ मिल्गैलिस । लैया मनसे २ ठो आँरा निकारके पकापुकुके खोब मरजाडसे खाइल । साँझके बाबा अइलिस लैया मनिक आँरा हेरल टो कम डेखल । टब मोहनासे पुंछल ।

मोहना इ लैया मनिक आँरा टैं टो नाइ खालेहले ? मोहना कहल मै कहां खैम बिलार खाइल हुइहीं । मोहना हिन आँरा चोराके खैना बानी परगैल रहिस । कठैं लागल बानी छोरैना कररा परठ । आँरा खाइ नाइ मिल्लेक ओरसे मोहना गाउँ मनिक मुर्घी चिंग्नी चोराइ लागल । चोरी करना सदिमान ओकर काम जो हुइगैलिस । बानी बिगरके मनैनके घरम्से रुपिया पैंसाफें चोराइ लागल ।

एकदिन सटघरान घरम् पेलके खोब डराज हरबराटहे । टब्बे सटघरवा मोहना हिन चोरी करट डेखलेिलस । उहिन पकरके गाउँमे पन्चायत जुटाइल । गाउँक् मनै लोहारी हिनफें पन्चायतमे ज्या त्या कहट रहैं । विचारा लोहारी मनमने सोंचटी रहिगैल । उ दिन मुर्घिन्याँ पलना सौक नाइ करटुँ टो साइट इ मेरिक दिन डेखे नाइ परठ ।
अर्जुन चौधरी
बारबर्दिया ५ बन्घुस्री बर्दिया

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अर्जुन चौधरी

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