उहे बगालेम सालि राटभरहस

संगम चौधरी
२५ कार्तिक २०७८, बिहीबार
उहे बगालेम सालि राटभरहस

डसिया टे डुरके बाट रहे । सुरु टे हरेरि पुजा ठनसे होगैल रहे । मोर बोली सुन्के डुवारिम से झक्याके हेरट रहल हुहिन उ । जिउ ढुक्पुकाइल हुहिन । मै संगिट, उ गिट । नाटा हमार साली भाटु के लागठ । उहे डिन हमार भेंट हुइल । टबहिंसे हम्रे डुनुजे संप्रेलग्लि । मनै महि थारु संगित हुकिन जुन गिट कहिके चिन्हे लग्लिन । हरेरि ठनसे हमार खेल्ना सुरु होगैल रहे । जहाँ मैं, उहाँ उ जरुर हुइना करि । मैं बिना उ नैसोहैना, उ बिना मैं । जहाँ गिट उहाँ संगिट जरुर हुइपर्ना । मनै फेन मन्डरा बोल्ले से गिट के खोजि करे लग्ना । गित गैलेसे मन्डरक खोजि करे लग्ना । उहे मारे हुइ हम्रे साली भाटु संगे होजैठि । मै थारु गाउँमे रलक ओरसे हुइ हरेरि पुजाक डिनसे लावा करैठैं । उहे बेलासे फुन्नी फुन्नाले सजैना सुरु करेलग्ठैं । एक ओर झाल मजिरा फेन सजाइ लग्ठैं । कुछ डिन पाछे अस्टिम्कि आजाइठ । उहाँ मोर साली गिट संपरके बरे सुहाउन सुघ्घुर डेखैठिन । अस्टिम्कि टिकुइयन फेन गरहगना से संपरल रठैं । झिकिरमिकिर डिया बरल रहठ । उहे बगालेम सालि गिट राटभरहस रठिन । मैं हुकिन हेर्टि रहुँ । ओइने  गितमे माहाभारत के बयान करटहिठ । हुँकार राहान सुन्टि मिठ सुहाउन । अस्टके कुछ डिनमे सखिया नाच सुरु होजाइठ ओ सखियक राहानमे गिटहे गाइलग्ठैं । सखिया नाचेम हम्रे डुनुजे रठि । नाच सुरु हुइना से पहिले मोर अवाज मन्कठ । उहिहे त्रासन कठैं । उहे सुनके गाउँक मनैं जन्ठैं कि आप नाच सुरु हुइलागल । गिट सालिक डाइ मोह्रिन्या हलहल बेरि खाके भलमन्सान घरेओर सोझर्ठिन । घर घर से बठिन्यन फेन संपरके बगाले बगाल भलमन्सान घरेओर सोझरठैं । मोर बाबा  मन्डरिया महि पुट्ठम कसके टयार रठैं । एक ओर नचुनिया बठिन्यन फेन सँपरके टयार रठैं । उहे बगालेम गिट साली फेन रठिन ।   

मन्डरिया मन्डरा बजाइ लग्ठैं । बठिन्यन झ्वाइ झ्वाइ मजिरा बजाके नाचे भिरठैं । गिट सालिक डाइ मोरहिन्या गिटहे उठाइल रठिन । कोइ नाच हेरके रमाइल रठैं टे कोइ गिट सुन्के ।असिके हम्रे सखिया नाचेम फेन संगे रहि । मन्डरक ओ बरकिमार गिटके ओरि टे हरेरि ठनसे डारसेक्ले रठैं । सालि गिट मै मन्डरा संगिट । हमार जोरिया बरे जमल ओ सजल रहठ । जहाँ नाच उहाँ जरुर हम्रे रहि । झुम्रा नाचेम, छोक्रा नाचेम, हुरडुङ्ग्वा नाचेम अस्टे टमान नाचेम । मैं थारु गाउँमे रलक ओरसे मन्डरक खोटसे चिन्हिठ । मघौटा मन्डरा, झुम्राक मन्डरा, सखियक मन्डरा, ढमारके मन्डरा अस्टे आउर । असिके थारु गाउँमे बोल्ना मन्डरा अलपट्ररे चिन्हारु रहे । गिट हे जुन राहानसे चिन्हिन । सखियक गिट, झुम्रक गिट, छोक्रक गिट, मांगर गिट, ढमार गिट, सजना गिट, मैना गिट अस्टे आउर थारु गिट । हमार  साली–भाटुक् कबुकाल अल्गैना होजाए । गिट सालि अकेलि बैराग लग्टिक मांगर के राहान मे डुल्हा डुल्हिक मैयाँ ओ घर परिवारके मिलेबेरिक, छुटेबेरिक बयान कर्नामे लागल रठिन । गिट सुनुइयनके मन बैराग होके आँस गिरेपुग्ठिन । सालि मांगरके राहानमे फागुन सम बरे सुहाउन ओ मिठ लग्ठिन । अस्टके फागुन पाछे सजना के राहानमे बरे सुहाउन ओ मिठास लागे लग्ठिन । मनपराइल मनैनके बयान कर्टि, घाम पानिम् ओ सिट्ररैटि रहल बेला बरे मिठास राहानमे रठिन गित सालि । असिके बर्खा सम सजना के राहानमे बरे सुहैठिन । अस्टके फागुन से सुन्टि सुहाउन लग्ना मैनक राहानमे, बनुवा परबटुवामे बरे मिठास लग्ठिन गिट । गोसिन्या ओ मनरखनिक सिंगार पटारके ओ मैयाँक बयान कर्ना मे रठिन गिट । असिके साउन महिना सम बरे सुहाउन रठिन मैनक राहान मे । अस्टके डसिया से फागुन सम मांगरके राहानमें भोजहा लग्गन भर रठिन सालि गिट ।

    कबु सजना के राहानमे टे कबु मैनक राहानमे बनवा, पखुवा, परबत्वामे रठिन । कबु घामेम् टे कबु बर्खक् झरिम् मनैनके बगालेम् ओइनके मन बहलैटि रठिन । इ सब सुन्टि ओ डेख्टि रठु मोर सालि गिट हे । धान बालि उसारके ढमारके राहानमे, जिन्गिक डुख सुखके बयान कर्टि, बैराग लग्टिक राहानमे सुनपरठिन, गिट सालि । मैं फेंन संगे रहुँ । असिके हम्रे सालि गिट ओ मैं संगिट, नाच गिट बाँसमे संगे रना करि । मने आब हमार भेलो नैराख्डेले हुँइठ् । हम्रे डुनुजे थारु गाउँम् जरम लेलि । थारु मन्डरा, थारु गिट । हम्रहिनसे थारुनके जाट चिन्हैठीन् । हमारेसे पुर्खा पुरन्या मनै खुशि मनाइट । मनक भाव सुनाइठ । जोट्नी खोट्नीमे हम्रे रहि । कट्नी डैनिम हम्रे । टिह्वारमे हम्रे रहि । घर डुवार, डगर घाट चैनार करुया हम्रे रहि । थारु समाज हमारे भरमे संपरके नाचकोर करिठ,रमाँइट् । गिट बाँस गाँइट् । मने आप मन्डरियन महिसे डुरे डुरे रठैं । मोर मैयाँ मारसेकल बटैं । ना मोर स्याहार कर्ठैं ना टे खोजि । झोल्लैले झोल्लाइल रठु । जिउ ढुरेढुर रहठ् । पहिले घोट्टैल टेल्लार ओ फुन्नाले संप्रल रलक, आपटे झेलझुठरार रहे परलबा । महिकिल नाहिं सालि गिट के फेंन यहे हाल बटिन । पहिले जन्नि मनै गोंरिक् हरचाली करेबेर गुनगुनैना करिठ् । हरोहियन सजना मैना गाँइठ् । भोजेम् माँगर गाँइठ् । टिह्वारमे गिट गाके नचिंठ् । आपटे गिट गओइन फेन लजैठिन । ना गिट उठुया गिट उठाइठ् ना लेहुया लेहठ् । विचारि सालि टुवर टे टुवरे हस । केउ खोजुया नै हुइन । केउ लेहुया नै हुइन । केउ चिन्हुइया नै हुइन गित हे । पहिले सुन्टि मोहन्याजैना रहिन । सब्जे हुँकार खोजि करिन । गित से मैयाँ के बाट साँटिक साँटा करिन । गिटसे मनक बाट सुनाइन । सब्जे गिट के बयान करिन । असिन सुघ्घुर गिट बटिन कहिके । मने जरम डेहुइया मोरहिन्या डाइ  छुट्लीन, टबे से उ झेलझुठ्ररार ओ पट्पटाइल बटिन । विडेसि संस्कृति, गिट संगिटसे घुँचेत्वा पाके उट्मुटैटि बटिन । हमार दुनुजहन के एक्के हाल बा । हम्रे डुनुजे थारु गाउँम जलम टे लेलि मने आब हेल्हा हुइल बटि । डुनुजे कवाइल बटि थारुनके चालचलन डेख्के । थारु बस्ति–बस्ति घुम्टि ओ अस्रम बटि । कौन गाउँ हम्रहिन बसेरा डिहिं ओ हम्रहिन सहेरहिं ओ खानपिनके संगे हम्रे गाउँ चम्पन, चैनार कराब । टबेटे हुइहिन थारुनके संस्कृतिक बिकास ।

झक्याके हेर्लेसे हमार थारु पौणानिक रिट, गिट संस्कृटि घुँचेत्वा पाके हेरैटि जाइटा । हेरैटि जाइटा नाहि कि फुह्रन्ने माहा अरबर मे ( जोखिम् मे ) बा । अब्बा आधुनिक गिट संगिट माहाजोर उल्लरक् कारन, थारु जाटिनके टे का अन्य समुदायके मनैनके फेन लोक संस्कृति माहा अरबर मे होसेकल डेखापरठ् । हम्रे नेपाली थारु ओ सक्कु जाटिक मनै समयमे अक्किल नैपुगाब कलेसे, जाट्टीके हामार रिटि संस्कृटि गज्जर मज्जर होजाइ ओ पट्पटाजाइ कलेसे, फुह्रन्ने चिन्हे नै सेकब । पाछे पस्टैना ढन्ढा होजाइ । ओराजाइ बाट, हेराजाइ जाट ।

जय थारु गिट संगिट ।

संगम चौधरी

उहे बगालेम सालि राटभरहस

संगम चौधरी

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