रातदिन दुःख कैके अपन भविष्य बनाइटुँ मै

सलिन चौधरी
१० बैशाख २०८०, आईतवार
रातदिन दुःख कैके अपन भविष्य बनाइटुँ मै

गजल

सक्कुहुन पटा बटिन बाहेर आके कमाइटुँ मै ।
रातदिन दुःख कैके अपन भविष्य बनाइटुँ मै ।

कना मनै टे कानै कठंै मनके चोट मनमे बा,
प्रदेशी मनै औरेक ठाउँमे मनहे मनाइटुँ मै ।

साहु एकघरि खाली बैठल डेखे नैसेकठ,
काम करे आइल अस्टे सोंच्के चुमाइटुँ मै ।

रहर टे महिफें लागठ संघरियन सँग रमैना,
मने कमाइ आके संघरियनफें गुमाइटुँ मै ।

कबु अइसिन ठेस लागठ मुवम ना जिएम,
हाँ इहे हो प्रदेशीनके खबर जोन सुनाइटुँ मै ।

सलिन चौधरी
घोडाघोडी–८ दिपनगर, कैलाली

रातदिन दुःख कैके अपन भविष्य बनाइटुँ मै

सलिन चौधरी

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