बेगारी
बेगारी

“रे, गाउँक मनै…काल तिनमोहनम बेगारिकर जैनाबा…”काल सन्झ्यै,चौकि दर्वा हाक पारलबुद्धा, तकेहुवा ओ रसकुमारक्यु भेलोरिक,क्यु केराके झक्ख्राक्यु बाँसक मुन्ना काटक,तरखरम रहै बेगारि जाय काल अङ्गत्ति जईमबेगारि कहुईया,आँखि मिस्ति निक्रल मनराखुआपन बौनिबर छोट देख्क,तुतल बेटके,तुतल दाँतके,फरूवा लेक डउरति...

१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

मोरिक संगीत

मनमती बखरिया

कविता मोरिक संगीत नै हो गीत होपेशा मोरिक रहर नै हो बाध्यता हो । फूला जैसिन जोवन तुहाँर चढल बा जवानीचाहे मै...

१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

चत्तुर कौवा ओ छल्लु गिदार

फुलाराम चौधरी

कौनो समयमा बरा बन्वम एकथो चित्रा और एकथो कौवा मित्वा मिलाकन बैठत् । चित्रा रुख्वक तरओर कौवा जुन्हक रुख्वक...

१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

दशैंके सम्झना

-सुनिल चाैधरी

मन्ड्रा के ट्रासन संगे पुट्ठा के उल्रार,डउना बेब्री के महक,चॉंदनी के रूप पतली कमर तिर्छी नजर,मजीरा के छनक।। एैहो...

१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

छुटिहम भ्वाजः अभिभावकके कर्तव्य

-कृष्ण समर्पण 

माघक मैन्हा । बहुट गाउँओर भ्वाजक राहरंगि हुइ । मने का अपनेनके ख्याल कर्ल बाटि अपनेक गाउँघरम हुइटि रहल भ्वाज...

१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

डाडु का बा विडेसमे ?

 -भूमिका चौधरी (थारु  )

डाडु,टु यहाँसे गैलेपरडाइ जहिया फेनचिन्टा लेटि रठिटोहार उ हटारमेलेलक निर्नयलेफुरे हम्रहिनअक्को मजा लागल नै...

१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

हम्र बर्दियाली

जग्गु प्रसाद चौधरी 

पुरुव परल बाँके जिल्ला हाँ पच्छिउँम कैलाली ।बिचमन बैठल बाटी हम्र बर्दियाली ।। शीरानम रहलबा हाँ पर्वत देउराली...

३ मंसिर २०७८, शुक्रबार
संगम चौधरी

गुरुवा थारु

१४ कार्तिक २०७८, आईतवार
संगम चौधरी

उज्रल गाउँमे कुण्डा

१० कार्तिक २०७८, बुधबार
विजय चौधरी

बसियक शब्द सुनटी सोहावन 

८ कार्तिक २०७८, सोमबार
विनिता चौधरी

अभागि मैं

१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार
फुलाराम चौधरी

चत्तुर कौवा ओ छल्लु गिदार

१४ मंसिर २०७८, मंगलवार
संगम चौधरी

कोइलहि मे उ मोर दुलहि

३० कार्तिक २०७८, मंगलवार
संगम चौधरी

रिक्सहुवक बनडिडि

१६ कार्तिक २०७८, मंगलवार
संगम चौधरी

परेम रोग

१३ श्रावण २०७८, बुधबार

लोभौरी बैर

डियर अविरल
१२ श्रावण २०७८, मंगलवार

लैयक् आँरा

अर्जुन चौधरी
७ श्रावण २०७८, बिहीबार

डिँउटा

सन्देश दहित
२६ श्रावण २०७८, मंगलवार

खै थारु ?

सिताराम थारु
१४ श्रावण २०७८, बिहीबार

रहर

सुशील चौधरी
३१ जेष्ठ २०७८, सोमबार

सारा मनै एक्क हुइ

मानबहादुर चौधरी ‘पन्ना
१६ मंसिर २०७८, बिहीबार

मनके परि

संगम चौधरी
२५ कार्तिक २०७८, बिहीबार

उहे बगालेम सालि राटभरहस

संगम चौधरी
८ कार्तिक २०७८, सोमबार

मोटरि पुगल विदेश

संगम चौधरी
३ कार्तिक २०७८, बुधबार

यात्रा

देवराज चौधरी
१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

बेगारी

विक्रम विरहुल
१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

मोरिक संगीत

मनमती बखरिया
१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

डाडु का बा विडेसमे ?

 -भूमिका चौधरी (थारु  )
१७ मंसिर २०७८, शुक्रबार

डाइ-बाबा

जग्गु प्रसाद चौधरी 
हम्र बर्दियाली
जग्गु प्रसाद चौधरी 
हम्र बर्दियाली
सजना थारु गीत
चम्फा कुश्मी
सजना थारु गीत
दशैंके सम्झना
-सुनिल चाैधरी
दशैंके सम्झना
संघर्ष
 -कालु राम चौधरी
संघर्ष
चार मुक्तक
हिराकुमारी चौधरी
चार मुक्तक

अन्तरवार्ता

२६ जेष्ठ २०७८, बुधबार
मानबहादुर चौधरी ‘पन्ना’

भाषा साहित्यफें हमार संस्कृति हो

१० जेष्ठ २०७८, सोमबार
हिरालाल चौधरी

`साहित्य समाजहे सम्वृद्ध बनैना खुँटा हो´